UNCED का पूर्ण रूप क्या है? इसे 'पृथ्वी शिखर सम्मेलन' (Earth Summit) क्यों कहा जाता है?..
Sagar
March 15, 2025
UNCED का पूर्ण रूप क्या है? इसे 'पृथ्वी शिखर सम्मेलन' (Earth Summit) क्यों कहा जाता है? इसकी पृष्ठभूमि और मुख्य उद्देश्य क्या थे?🔗
UNCED का पूर्ण रूप है यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन एनवायरनमेंट एंड डेवलपमेंट (United Nations Conference on Environment and Development - संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण और विकास सम्मेलन)। इसे हिंदी में 'पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' कहते हैं।
इसे 'पृथ्वी शिखर सम्मेलन' (Earth Summit) के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यह पर्यावरण और विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विश्व नेताओं का एक बहुत बड़ा सम्मेलन था, जो 1992 में रियो डी जनेरियो, ब्राजील (Rio de Janeiro, Brazil) में आयोजित किया गया था। यह अपनी तरह का पहला इतना बड़ा सम्मेलन था, इसलिए इसे "पृथ्वी" के भविष्य पर केंद्रित माना गया।
UNCED Overview and Cont
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पृष्ठभूमि (Background):
1972 में स्टॉकहोम, स्वीडन (Stockholm, Sweden) में आयोजित 'मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' (United Nations Conference on Human Environment) के 20 साल बाद UNCED का आयोजन हुआ।
1987 में, ब्रुंटलैंड आयोग (Brundtland Commission) की रिपोर्ट 'हमारा साझा भविष्य' (Our Common Future) ने 'सतत विकास' (Sustainable Development) की अवधारणा को लोकप्रिय बनाया।
1980 के दशक के अंत तक, वैश्विक पर्यावरणीय समस्याएं (global environmental problems), जैसे कि जलवायु परिवर्तन (climate change), ओजोन परत का क्षरण (ozone layer depletion), जैव विविधता का नुकसान (biodiversity loss) और प्रदूषण (pollution), गंभीर चिंता का विषय बन गई थीं।
United Nations Conference On Environment And Development
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मुख्य उद्देश्य (Main Objectives):
पर्यावरण संरक्षण (environmental protection) और आर्थिक विकास (economic development) को एकीकृत (integrate) करने के तरीकों पर चर्चा करना।
सतत विकास (sustainable development) के लिए एक वैश्विक रणनीति (global strategy) विकसित करना।
अंतर्राष्ट्रीय सहयोग (international cooperation) को बढ़ावा देना और इन मुद्दों पर ठोस कार्रवाई (concrete action) के लिए प्रतिबद्धता (commitment) जताना।
UNCED Concept Map
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UNCED के मुख्य परिणाम (Outcomes) क्या थे? विस्तार से समझाइए।🔗
UNCED के मुख्य परिणाम निम्नलिखित थे:
रियो घोषणा (Rio Declaration - रियो डिक्लेरेशन):
यह 27 सिद्धांतों (principles) का एक दस्तावेज है जो पर्यावरण और विकास के प्रति राष्ट्रों के अधिकारों और जिम्मेदारियों (rights and responsibilities) को परिभाषित करता है।
यह सतत विकास (sustainable development) के लिए एक मार्गदर्शक (guide) के रूप में कार्य करता है।
महत्वपूर्ण सिद्धांत:
सिद्धांत 1: मानव चिंता के केंद्र में हैं (Human beings are at the centre of concern)।
सिद्धांत 3: विकास का अधिकार (The right to development)।
सिद्धांत 5: गरीबी उन्मूलन (Eradication of poverty)।
सिद्धांत 22: स्थानीय समुदायों और स्वदेशी लोगों का महत्त्व (Importance of local and indigenous communities).
एजेंडा 21 (Agenda 21 - एजेंडा 21):
यह 21वीं सदी के लिए सतत विकास (sustainable development) की एक व्यापक कार्य योजना (comprehensive action plan) है। '21' 21वीं सदी को दर्शाता है.
इसमें सामाजिक और आर्थिक आयाम (social and economic dimensions), संसाधनों का संरक्षण और प्रबंधन (conservation and management of resources), प्रमुख समूहों की भूमिका को मजबूत करना (strengthening the role of major groups) और कार्यान्वयन के साधन (means of implementation) जैसे विषय शामिल हैं।
धारा 1 (Section 1): सामाजिक और आर्थिक आयाम (Social and Economic Dimensions) - गरीबी से निपटना, उपभोग के पैटर्न को बदलना, स्वास्थ्य को बढ़ावा देना.
धारा 3 (Section 3): प्रमुख समूहों की भूमिका को सुदृढ़ बनाना (Strengthening the Role of Major Groups)- इसमें बच्चों, युवाओं, महिलाओं, गैर-सरकारी संगठनों, स्थानीय प्रशासन, व्यवसायों, उद्योगों और कामगारों को शामिल किया गया है. साथ ही इसमें आदिवासी, उनके समुदायों और किसानों की भूमिका को सशक्त बनाने पर भी बल दिया गया है.
धारा 4 (Section 4): कार्यान्वयन के साधन (Means of Implementation) - विज्ञान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, शिक्षा, अंतर्राष्ट्रीय संगठन और वित्तीय तंत्र.
यह एक गैर-बाध्यकारी (non-binding) दस्तावेज है, लेकिन इसने भविष्य के अंतर्राष्ट्रीय समझौतों (international agreements) के लिए एक आधार (foundation) प्रदान किया।
वन सिद्धांत (Forest Principles - फॉरेस्ट प्रिंसिपल्स):
यह वनों के प्रबंधन, संरक्षण और सतत विकास (management, conservation, and sustainable development of forests) के लिए सिद्धांतों का एक गैर-कानूनी रूप से बाध्यकारी वक्तव्य (non-legally binding statement) है।
जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC):
यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि (international treaty) है जिसका उद्देश्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन (greenhouse gas emissions) को स्थिर करना है ताकि जलवायु प्रणाली (climate system) के साथ खतरनाक मानवीय हस्तक्षेप (dangerous anthropogenic interference) को रोका जा सके।
यह 2015 के पेरिस समझौते (Paris Agreement) की मूल संधि है।
जैव विविधता पर कन्वेंशन (CBD):
यह एक अंतर्राष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण (conservation of biodiversity), इसके घटकों का सतत उपयोग (sustainable use of its components) और आनुवंशिक संसाधनों (genetic resources) के उपयोग से होने वाले लाभों का उचित और न्यायसंगत बंटवारा (fair and equitable sharing of benefits) करना है।
UNCED Major Outcomes and Documents
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एजेंडा 21 (Agenda 21) के क्रियान्वयन (Implementation) में स्थानीय सरकारों (Local Governments) की क्या भूमिका है? एक उदाहरण दीजिये।🔗
एजेंडा 21 में स्थानीय सरकारों को सतत विकास (sustainable development) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। एजेंडा 21 का एक प्रमुख उद्देश्य यह है कि प्रत्येक स्थानीय सरकार को अपना स्थानीय एजेंडा 21 बनाना चाहिए।
स्थानीय एजेंडा 21 (Local Agenda 21): यह एक स्थानीय स्तर की कार्य योजना (local-level action plan) है जो समुदाय (community) की भागीदारी (participation) के साथ सतत विकास (sustainable development) को बढ़ावा देती है।
उदाहरण (Example): मान लीजिए एक शहर 'X' है। शहर 'X' की स्थानीय सरकार निम्नलिखित कदम उठा सकती है:
भागीदारी प्रक्रिया (Participatory Process): शहर के निवासियों, व्यवसायों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और अन्य हितधारकों (stakeholders) के साथ मिलकर एक स्थानीय एजेंडा 21 कार्य योजना (Local Agenda 21 action plan) विकसित करना। इसमें कार्यशालाएं (workshops), सर्वेक्षण (surveys) और सार्वजनिक बैठकें (public meetings) शामिल हो सकती हैं।
प्राथमिकताओं का निर्धारण (Setting Priorities): समुदाय की सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों (environmental, social, and economic challenges) की पहचान करना। उदाहरण के लिए, वायु प्रदूषण (air pollution), अपशिष्ट प्रबंधन (waste management), जल संरक्षण (water conservation), या किफायती आवास (affordable housing)।
कार्य योजना विकसित करना (Developing an Action Plan): विशिष्ट लक्ष्यों (specific goals), उद्देश्यों (objectives) और कार्यों (actions) को निर्धारित करना जो इन प्राथमिकताओं को संबोधित (address) करें। उदाहरण के लिए, नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) के उपयोग को बढ़ावा देना, सार्वजनिक परिवहन (public transport) में सुधार करना, या हरित स्थान (green spaces) बढ़ाना।
कार्यान्वयन और निगरानी (Implementation and Monitoring): कार्य योजना को लागू करना और प्रगति (progress) को ट्रैक (track) करना। इसमें स्थानीय सरकार के विभिन्न विभागों (departments), व्यवसायों (businesses) और समुदाय समूहों (community groups) के बीच समन्वय (coordination) शामिल हो सकता है।
समीक्षा और संशोधन (Review and Revision): समय-समय पर कार्य योजना की समीक्षा (review) करना और बदलती परिस्थितियों (changing circumstances) के अनुसार उसमें संशोधन (revise) करना।
इस प्रकार, स्थानीय सरकारें एजेंडा 21 को जमीनी स्तर (grassroots level) पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
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